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Friday, April 8, 2016

नव वर्ष की शुभकामनाएं

सभी पाठकों को नव वर्ष की शुभकामनाएं!

'सौम्य' नामक नया संवत्सर २०७३ आप सभी के जीवन में सकारात्मकता, प्रसन्नता, ऊर्जा और अनदेखे-अनजाने में प्रवेश करने का साहस लाये, ऐसी ईश्वर से प्रार्थना है।

कहते हैं कि आज के दिन ही सूर्योदय के साथ ब्रह्मा ने नवीन सृष्टि की थी -

चैत्रे मासि जगद् ब्रह्मा ससर्ज प्रथमेऽहनि।
शुक्लपक्षे समग्रे तु तदा सूर्योदये सति।।

आज फिर समय आ गया है कि हम सभी ब्रह्मा की भूमिका धारण करें और नयी आवश्यकता के अनुसार नवीन सृष्टि की रचना में अपना योगदान दें!

चारों और फैले हुए संदेह, दुविधा और अविश्वास के वातावरण को हटाने का संकल्प लें!

जीवन की श्रेष्ठता की और कदम बढ़ाएं। अपने मन में फैले हुए डर को दूर भगाएं!

हमारा अनुचित से विरोध हो किन्तु विरोध मात्र विरोध करने के लिए न हो। विरोध की आवश्यकता और तरीका हमारे विवेक द्वारा जरूर परख लिया जाये!

सस्ती लोकप्रियता पाने की आकांक्षा हमारे मन-मस्तिष्क दूर रहे !

इसी आकांक्षा के साथ,

सदैव आपका,

अरविन्दनाभ शुक्ल
चैत्र प्रतिपदा, शुक्ल पक्ष विक्रम संवत २०७३



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